इश्क में अंधी बहू ने ससुर को करंट लगाकर मारा… Bilaspur Express न्यूज़

Share this News..

Bilaspur Express न्यूज़, बालोद जिले के डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र में स्थित ग्राम खड़ेनाडीह में घटी दिल दहला देने वाली वारदात में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। ससुर की निर्मम हत्या करने वाली बहू गीता निर्मलकर और उसके प्रेमी लेखराम निषाद को उम्रकैद की सजा दी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय गीता निर्मलकर गांव की ‘सेवा मंडली’ में भजन गाया करती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात पड़ोसी गांव के 25 वर्षीय संगीतकार लेखराम निषाद से हुई। लेखराम गीता को हारमोनियम सिखाने उसके घर आने-जाने लगा। संगीत सीखने और सिखाने के इसी क्रम में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्रेम-प्रसंग में बदल गया।

ससुर करते थे विरोध, 16 जुलाई की रात रची गई साजिश

गीता के 63 वर्षीय ससुर मनोहर निर्मलकर को बहू और लेखराम के बीच का यह अनैतिक रिश्ता बिल्कुल पसंद नहीं था। जब भी लेखराम घर आता, तो मनोहर निर्मलकर इसका कड़ा विरोध करते थे और गाली-गलौज भी किया करते थे। ससुर के बार-बार टोकने और विरोध करने से तंग आकर गीता और लेखराम ने उन्हें रास्ते से हटाने की खौफनाक योजना बनाई।

16 जुलाई की रात, जब बुजुर्ग ससुर मनोहर निर्मलकर अपने कमरे में सो रहे थे, तब गीता और लेखराम ने मौका पाकर सोते समय उन्हें बिजली का तेज करंट लगा दिया। करंट लगने से मनोहर निर्मलकर की मौके पर ही मौत हो गई।

साइकिल से गिरने’ की गढ़ी झूठी कहानी, चोट छिपाने लगाई हल्दी

हत्या को अंजाम देने के बाद अगली सुबह बहू गीता ने गांव में यह झूठी खबर फैला दी कि उसके ससुर शराब के नशे में साइकिल से गिर गए थे और चोट लगने के कारण सुबह उनकी मौत हो गई। करंट और चोट के निशानों को छिपाने की नीयत से उसने शव पर हल्दी लगा दी ताकि किसी को शक न हो।

अंतिम संस्कार की जल्दबाजी से खुली पोल

इधर प्रेमी लेखराम चाहता था कि मामला जल्द से जल्द दब जाए। उसने बिना समय गंवाए आनन-फानन में श्मशान घाट के लिए लकड़ियां भिजवाईं और खुद मृतक के शव को कंधा देने भी पहुंच गया।

लेखराम की इस जरूरत से ज्यादा जल्दबाजी देखकर गांव वालों को संदेह हुआ। जब शव को श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया और वहां से कपड़ा हटाया गया, तो ग्रामीणों ने मृतक के शरीर पर गहरे घाव और संदिग्ध निशान देखे। ग्रामीणों ने जब सवाल-जवाब शुरू किए, तो आरोपी सही जवाब नहीं दे पाए। इसके तुरंत बाद ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार रोककर डौंडीलोहारा पुलिस को सूचना दे दी।

पोस्टमॉर्टम और जब्त सबूतों से बेनकाब हुए कातिल

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (Short PM Report) में साफ हुआ कि मनोहर की मौत करंट लगने से हुई है।

पुलिस ने तुरंत अपनी जांच तेज की और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री जब्त की:

  • घटना में इस्तेमाल किया गया बिजली का तार
  • आरोपियों द्वारा पहने गए रबर के दस्ताने
  • खून लगा गमछा
  • आरोपियों के मोबाइल फोन (जिसमें कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स से देर रात की बातचीत का पता चला)

अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट जुटाकर न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई करते हुए बालोद कोर्ट ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, जब्त सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर बहू गीता निर्मलकर और उसके प्रेमी लेखराम निषाद को दोषी ठहराया। कोर्ट ने दोनों को ससुर की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाकर जेल भेज दिया है।