रावण की जगह ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करेगी कांग्रेस: ‘वोट चोरी’ के खिलाफ 26 नवंबर को 1 लाख कार्यकर्ताओं के साथ… Bilaspur Express न्यूज़

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Bilaspur Express न्यूज़, नई दिल्ली/भोपाल: देश में ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची (SIR) से बड़े पैमाने पर नाम हटाने के गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपने आंदोलन को और अधिक आक्रामक कर दिया है। इसी कड़ी में आगामी दशहरे के पावन पर्व पर कांग्रेस देशभर में रावण दहन की परंपरा से हटकर केंद्रीय मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने जा रही है। पार्टी के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

 

  • वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ मुखर हुई कांग्रेस

  • मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में जिला स्तर पर पुतला दहन के निर्देश, राहुल गांधी के नेतृत्व में 26 नवंबर को दिल्ली में होगा बड़ा शक्ति प्रदर्शन

  • 1 नवंबर को ‘इंडिया’ गठबंधन की राष्ट्रव्यापी रैलियों और विरोध प्रदर्शनों की तैयारी तेज

मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में मिले कड़े निर्देश

हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों की ऑनलाइन बैठकों में यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में इस बार दशहरा उत्सव के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका जाए।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है और लाखों-करोड़ों मतदाताओं के नाम सूची से हटाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। पार्टी इसे देश के लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बता रही है।

नवंबर में ‘दिल्ली चलो’ का बड़ा आंदोलन और टारगेट

दशहरे के विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है:

  • 1 नवंबर: वोट चोरी के मुद्दे को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा देश भर में और दिल्ली में बड़े स्तर पर विरोध रैलियां और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

  • 26 नवंबर (संविधान दिवस): कांग्रेस ने दिल्ली में एक ऐतिहासिक और विशाल प्रदर्शन की योजना बनाई है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

  • उदाहरण के लिए, मध्य प्रदेश के जिला अध्यक्षों को खास तौर पर टारगेट दिया गया है कि वे 25 नवंबर तक कम से कम 1 लाख कार्यकर्ताओं के साथ ग्वालियर से ट्रेन व अन्य माध्यमों से दिल्ली के लिए रवाना हों, ताकि 26 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया जा सके।

लगातार आक्रामक होती जा रही सियासत

इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों (जैसे कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों) में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन और पुतला दहन किए जा चुके हैं। अब इस आंदोलन को और व्यापक रूप देते हुए कांग्रेस ने इसे सीधे सड़क से लेकर दिल्ली के दरबार तक खींचने की रणनीति बनाई है।